‘गूंगी गुड़िया’ टिप्पणी से महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद, सुनेत्रा पवार ने कहा- सही समय पर दूंगी जवाब
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को लेकर कांग्रेस द्वारा इस्तेमाल किए गए ‘गूंगी गुड़िया’ शब्द पर सियासी घमासान तेज हो गया है। इस टिप्पणी के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने कांग्रेस पर महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस ने अपने बयान का बचाव किया है।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत बीड जिले के दौरे के दौरान हुई। जिला योजना समिति की बैठक के बाद सुनेत्रा पवार मीडिया से बातचीत कर रही थीं। इसी दौरान एक पत्रकार कानून-व्यवस्था से जुड़ा सवाल पूछना चाहता था। विपक्ष का आरोप है कि मंत्री धनंजय मुंडे ने पत्रकार को सवाल पूछने से रोक दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विपक्ष ने सरकार को निशाने पर लिया।
कांग्रेस ने क्यों कहा ‘गूंगी गुड़िया’?
वीडियो वायरल होने के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सवाल उठाते हुए लिखा कि सुनेत्रा पवार आखिर कब तक ‘गूंगी गुड़िया’ बनी रहेंगी। कांग्रेस नेताओं ने इस टिप्पणी के जरिए उपमुख्यमंत्री की सार्वजनिक चुप्पी पर सवाल उठाने की कोशिश की, लेकिन यही शब्द राजनीतिक विवाद का कारण बन गया।
सुनेत्रा पवार का जवाब
विवाद बढ़ने के बाद सुनेत्रा पवार ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह “सही समय पर उचित जवाब देंगी।” उनके इस संक्षिप्त बयान को राजनीतिक संकेत माना जा रहा है कि वह फिलहाल संयम बरत रही हैं लेकिन भविष्य में इस मुद्दे पर विस्तार से प्रतिक्रिया देंगी।
NCP का विरोध
कांग्रेस की टिप्पणी के बाद NCP कार्यकर्ताओं ने मुंबई स्थित कांग्रेस कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि महिला जनप्रतिनिधि के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल राजनीतिक असहमति से आगे बढ़कर महिलाओं के सम्मान पर हमला है। इस घटनाक्रम के दौरान दोनों दलों के बीच तीखी बयानबाज़ी भी देखने को मिली।
कांग्रेस की सफाई
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि ‘गूंगी गुड़िया’ कोई अपमानजनक या असंसदीय शब्द नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अतीत में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लिए भी यही शब्द इस्तेमाल किया गया था। उनके अनुसार, सुनेत्रा पवार को अपने कार्यों के जरिए आलोचनाओं का जवाब देना चाहिए।
राजनीतिक मायने
यह विवाद केवल एक बयान तक सीमित नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महाराष्ट्र में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच ऐसे बयान आने वाले समय में और अधिक तीखी राजनीतिक बहस का कारण बन सकते हैं। वहीं महिला नेताओं के लिए इस्तेमाल होने वाली भाषा को लेकर भी नई चर्चा शुरू हो गई है।
निष्कर्ष
फिलहाल यह मामला राजनीतिक बयानबाज़ी से आगे बढ़कर महिलाओं के सम्मान और राजनीतिक संवाद की मर्यादा से भी जुड़ गया है। एक ओर कांग्रेस अपनी टिप्पणी को राजनीतिक आलोचना बता रही है, वहीं NCP इसे महिला विरोधी भाषा करार दे रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सुनेत्रा पवार अपने वादे के अनुसार “सही समय” पर क्या जवाब देती हैं।
FAQ
Q. ‘गूंगी गुड़िया’ विवाद क्या है?
कांग्रेस ने सुनेत्रा पवार की सार्वजनिक चुप्पी पर सवाल उठाते हुए यह टिप्पणी की, जिसके बाद NCP ने विरोध दर्ज कराया।
Q. सुनेत्रा पवार ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि वह सही समय आने पर उचित जवाब देंगी।
Q. कांग्रेस ने अपनी टिप्पणी पर क्या सफाई दी?
कांग्रेस का कहना है कि यह शब्द अपमानजनक नहीं है और इसका इस्तेमाल पहले भी भारतीय राजनीति में हो चुका है।